साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें। ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल । साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। जब ऐसा हो जाता है https://keeganqvkvf.blogchaat.com/39746387/negative-interference-stop-no-further-a-mystery